जो अधिकारी इस अधिनियम के तहत सद्भावना (good faith) से कार्य करता है, उसके खिलाफ कोई वाद या फौजदारी मुकदमा नहीं चलाया जाएगा।
उत्तर: हाँ, यदि वसूली प्रक्रिया मनमानी या अवैध हो, तो आप Writ Petition (Constitutional Remedy) दायर कर सकते हैं। Poorly scanned OCR or automated translations can introduce
भारत के राजस्व कानूनों के इतिहास में बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 (Bihar and Orissa Public Demand Recovery Act, 1914) एक अत्यंत महत्वपूर्ण लेकिन अक्सर अनदेखा किया जाने वाला कानून है। यह अधिनियम मुख्य रूप से बिहार और उड़ीसा (अब ओडिशा) राज्यों में सरकारी बकाया, भू-राजस्व, ऋण, और अन्य सार्वजनिक मांगों (Public Demands) को वसूलने के लिए बनाया गया था। आज भी, जब किसी व्यक्ति या संस्था पर सरकार का कोई बकाया होता है (जैसे भूमि कर, सिंचाई शुल्क, या को-ऑपरेटिव सोसाइटी का ऋण), तो इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। Poorly scanned OCR or automated translations can introduce
इस लेख में, हम आपको इस अधिनियम के हिंदी PDF संस्करण को खोजने और डाउनलोड करने के तरीके बताएंगे, साथ ही अधिनियम के मुख्य प्रावधानों, इतिहास, और वर्तमान प्रासंगिकता की विस्तृत जानकारी देंगे। Poorly scanned OCR or automated translations can introduce